अमरकंटक में भगवान परशुराम जयंती मनाई गई:मंत्रोच्चार के साथ हुए अनुष्ठान, नर्मदा मंदिर से निकाली गई शोभायात्रा
अमरकंटक में भगवान परशुराम जयंती मनाई गई:मंत्रोच्चार के साथ हुए अनुष्ठान, नर्मदा मंदिर से निकाली गई शोभायात्रा
अनूपपुर जिले के धार्मिक तीर्थ स्थल अमरकंटक स्थित श्री नर्मदा मंदिर प्रांगण में सोमवार को भगवान परशुराम जयंती मनाई गई। यह आयोजन वैदिक परंपराओं और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मंदिर प्रांगण में भगवान परशुराम का विशेष पूजन-अर्चन और अनुष्ठान आयोजित किया गया। अमरकंटक के विद्वान आचार्य पुरोहितों तथा श्री नर्मदा मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित उमेश द्विवेदी, पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी और पंडित धनेश द्विवेदी के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। पूजा के उपरांत श्री नर्मदा मंदिर प्रांगण से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्री कल्याण सेवा आश्रम पहुंची और फिर नर्मदा मंदिर में आकर समाप्त हुई। इसमें हजारों की संख्या में विप्र समाज के लोग और श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया, जहां पुष्पवर्षा और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर शांतिकुंटी आश्रम के प्रमुख महामंडलेश्वर महंत रामभूषण दास जी महाराज और पंडित उमेश द्विवेदी ने अपने संबोधन में समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने समाज के हित में संगठित होकर कार्य करने और एकजुटता को सबसे बड़ी शक्ति बताया। स्वामी जी ने सनातन धर्म की परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज ज्ञान और शक्ति का संतुलन है, जिसमें एक हाथ में शास्त्र और दूसरे हाथ में शस्त्र का महत्व है। उन्होंने वर्तमान समय में समाज और धर्म की रक्षा के लिए दोनों के महत्व पर जोर दिया। भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में विप्र संप्रदाय द्वारा एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। ये विफ्रजन रहे मौजूद कार्यक्रम में महंत रामभूषण दास जी महाराज (शांतिकुटी आश्रम), पंडित योगेश दुबे (मृत्युंजय आश्रम, रामनरेश शास्त्री मार्कंडेय आश्रम पंडित उत्तम द्विवेदी, पंडित नंदन द्विवेदी, पंडित धर्मेंद्र द्विवेदी, पंडित कान्हा द्विवेदी, पंडित रुपेश द्विवेदी, पंडित प्रकाश द्विवेदी, पंडित कमलेश द्विवेदी, पंडित विनायक द्विवेदी, पंडित अंबिका प्रसाद तिवारी पंडित कार्तिक द्विवेदी, पंडित आकाश द्विवेदी, पंडित सुशील शुक्ला, पंडित धनंजय तिवारी, पंडित श्रवण उपाध्याय, पंडित महेश्वर द्विवेदी, पंडित राजेश पाठक, पंडित अखिलेश पाठक, पंडित लालजी द्विवेदी, पंडित उमाशंकर मिश्रा, पंडित अनिल शुक्ला, पंडित राजहंस तिवारी, पंडित अरविंद गौतम, पंडित ओमप्रकाश गौतम, पंडित शक्ति शरण पांडेय, पंडित मुनीष पांडेय, पंडित रोहित लाल त्रिपाठी, लखन द्विवेदी पंडित रविशंकर तिवारी, पंडित विक्की द्विवेदी, पंडित राधेश्याम उपाध्याय, पंडित पाण्डेय जी (श्री यंत्र मंदिर), पंडित गजानंद गर्ग, पंडित संदीप जोशी एवं पंडित उमाशंकर पाण्डेय सहित सैकड़ों की संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे।
अनूपपुर जिले के धार्मिक तीर्थ स्थल अमरकंटक स्थित श्री नर्मदा मंदिर प्रांगण में सोमवार को भगवान परशुराम जयंती मनाई गई। यह आयोजन वैदिक परंपराओं और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मंदिर प्रांगण में भगवान परशुराम का विशेष पूजन-अर्चन और अनुष्ठान आयोजित किया गया। अमरकंटक के विद्वान आचार्य पुरोहितों तथा श्री नर्मदा मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित उमेश द्विवेदी, पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी और पंडित धनेश द्विवेदी के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। पूजा के उपरांत श्री नर्मदा मंदिर प्रांगण से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्री कल्याण सेवा आश्रम पहुंची और फिर नर्मदा मंदिर में आकर समाप्त हुई। इसमें हजारों की संख्या में विप्र समाज के लोग और श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया, जहां पुष्पवर्षा और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर शांतिकुंटी आश्रम के प्रमुख महामंडलेश्वर महंत रामभूषण दास जी महाराज और पंडित उमेश द्विवेदी ने अपने संबोधन में समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने समाज के हित में संगठित होकर कार्य करने और एकजुटता को सबसे बड़ी शक्ति बताया। स्वामी जी ने सनातन धर्म की परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज ज्ञान और शक्ति का संतुलन है, जिसमें एक हाथ में शास्त्र और दूसरे हाथ में शस्त्र का महत्व है। उन्होंने वर्तमान समय में समाज और धर्म की रक्षा के लिए दोनों के महत्व पर जोर दिया। भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में विप्र संप्रदाय द्वारा एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। ये विफ्रजन रहे मौजूद कार्यक्रम में महंत रामभूषण दास जी महाराज (शांतिकुटी आश्रम), पंडित योगेश दुबे (मृत्युंजय आश्रम, रामनरेश शास्त्री मार्कंडेय आश्रम पंडित उत्तम द्विवेदी, पंडित नंदन द्विवेदी, पंडित धर्मेंद्र द्विवेदी, पंडित कान्हा द्विवेदी, पंडित रुपेश द्विवेदी, पंडित प्रकाश द्विवेदी, पंडित कमलेश द्विवेदी, पंडित विनायक द्विवेदी, पंडित अंबिका प्रसाद तिवारी पंडित कार्तिक द्विवेदी, पंडित आकाश द्विवेदी, पंडित सुशील शुक्ला, पंडित धनंजय तिवारी, पंडित श्रवण उपाध्याय, पंडित महेश्वर द्विवेदी, पंडित राजेश पाठक, पंडित अखिलेश पाठक, पंडित लालजी द्विवेदी, पंडित उमाशंकर मिश्रा, पंडित अनिल शुक्ला, पंडित राजहंस तिवारी, पंडित अरविंद गौतम, पंडित ओमप्रकाश गौतम, पंडित शक्ति शरण पांडेय, पंडित मुनीष पांडेय, पंडित रोहित लाल त्रिपाठी, लखन द्विवेदी पंडित रविशंकर तिवारी, पंडित विक्की द्विवेदी, पंडित राधेश्याम उपाध्याय, पंडित पाण्डेय जी (श्री यंत्र मंदिर), पंडित गजानंद गर्ग, पंडित संदीप जोशी एवं पंडित उमाशंकर पाण्डेय सहित सैकड़ों की संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे।