कांग्रेस विधायकों ने शीतकालीन सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग:1497 सवालों के जरिये सरकार को घेरेंगे विधायक, 907 सवाल ऑनलाइन लगे
कांग्रेस विधायकों ने शीतकालीन सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग:1497 सवालों के जरिये सरकार को घेरेंगे विधायक, 907 सवाल ऑनलाइन लगे
एक दिसम्बर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायकों ने 1497 सवाल विधानसभा के जरिए राज्य सरकार से पूछे हैं। चार दिन के छोटे सत्र में एक दिन में औसत 374 सवाल तय किए गए हैं। उधर कांग्रेस विधायकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से सत्र की अवधि छोटी बताते हुए जनहित के लिए इसमें वृद्धि करने की मांग की है, ताकि जनता के मुद्दों को सरकार तक पहुंचाया जा सके। सोमवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के लिए इस बार कुल 907 ऑनलाइन और 590 ऑफलाइन सवाल किए गए हैं। इस तरह कुल 1497 सवाल हुए हैं। जिसके जवाब सरकार ने विधानसभा सचिवालय को भेज दिया है। सवालों के साथ सचिवालय ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी मांगे हैं। सोमवार से शुरू होने वाले सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा ने व्यवस्थाओं की जानकारी ली है। पिछले विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों को विधानसभा परिसर में नारेबाजी करने और धरना देना प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन इस बार विधायकों के लिए जारी की गई गाइडलाइन में यह प्रतिबंध वापस ले लिया गया है। कांग्रेस विधायक गुर्जर, राठौर ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग ग्वालियर ग्रामीण से विधायक साहब सिंह गुर्जर और पृध्वीपुर विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए। किसानों और क्षेत्र की जनता की अपेक्षा है कि जनहित के मुद्दों को सदन में उठाया जाए और उसका निराकरण किया जाए। इसे दृष्टिगत रखते हुए विधानसभा सत्र की अवधि को बढाया जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्वीट कर कहा है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र की समय अवधि मात्र 4 दिन रखी गई है। इतनी कम समय अवधि का सत्र प्रदेश की जनता के मुद्दों के लिए पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस विधायक दल निरंतर सत्र की समय अवधि बढ़ाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज पहले भी उठाई है, सवाल पहले भी पूछे हैं और आगे भी सड़क से सदन तक सवाल उठाते रहेंगे। जनहित के मुद्दे न कल रुके थे, न आज रुकेंगे।
एक दिसम्बर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायकों ने 1497 सवाल विधानसभा के जरिए राज्य सरकार से पूछे हैं। चार दिन के छोटे सत्र में एक दिन में औसत 374 सवाल तय किए गए हैं। उधर कांग्रेस विधायकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से सत्र की अवधि छोटी बताते हुए जनहित के लिए इसमें वृद्धि करने की मांग की है, ताकि जनता के मुद्दों को सरकार तक पहुंचाया जा सके। सोमवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के लिए इस बार कुल 907 ऑनलाइन और 590 ऑफलाइन सवाल किए गए हैं। इस तरह कुल 1497 सवाल हुए हैं। जिसके जवाब सरकार ने विधानसभा सचिवालय को भेज दिया है। सवालों के साथ सचिवालय ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी मांगे हैं। सोमवार से शुरू होने वाले सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा ने व्यवस्थाओं की जानकारी ली है। पिछले विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों को विधानसभा परिसर में नारेबाजी करने और धरना देना प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन इस बार विधायकों के लिए जारी की गई गाइडलाइन में यह प्रतिबंध वापस ले लिया गया है। कांग्रेस विधायक गुर्जर, राठौर ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग ग्वालियर ग्रामीण से विधायक साहब सिंह गुर्जर और पृध्वीपुर विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए। किसानों और क्षेत्र की जनता की अपेक्षा है कि जनहित के मुद्दों को सदन में उठाया जाए और उसका निराकरण किया जाए। इसे दृष्टिगत रखते हुए विधानसभा सत्र की अवधि को बढाया जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्वीट कर कहा है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र की समय अवधि मात्र 4 दिन रखी गई है। इतनी कम समय अवधि का सत्र प्रदेश की जनता के मुद्दों के लिए पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस विधायक दल निरंतर सत्र की समय अवधि बढ़ाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज पहले भी उठाई है, सवाल पहले भी पूछे हैं और आगे भी सड़क से सदन तक सवाल उठाते रहेंगे। जनहित के मुद्दे न कल रुके थे, न आज रुकेंगे।