नवरात्रि के प्रथम दिन आस्था का सैलाब

देवी मंदिरों में उमड़े भक्त, हजारों ज्योति कलश प्रज्ज्वलित छत्तीसगढ़ संवाददाता अंबिकापुर, 19 मार्च। चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मां महामाया मंदिर सहित विभिन्न शक्तिपीठों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने कतारबद्ध होकर पूजा-अर्चना की और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया। परंपरा अनुसार तडक़े 4 बजे बैगा द्वारा प्रथम पूजा संपन्न कराई गई, जिसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचने लगे थे, जिससे दोपहर तक लंबी कतारें लगी रहीं। नवरात्रि अवधि में मंदिर के कपाट पूरे दिन खुले रखने की व्यवस्था की गई है। मंदिरों में गूंजे जयकारे, ज्योति कलश किए गए स्थापित शहर के गांधी चौक स्थित दुर्गा मंदिर, वनदेवी मंदिर सांडबार, काली मंदिर एवं हरकेवल दास दुर्गा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रही। शुभ मुहूर्त में ज्योति कलश स्थापित एवं प्रज्ज्वलित किए गए। गांधी चौक दुर्गा मंदिर में दोपहर तक दर्शनार्थियों की लंबी कतार बनी रही। महामाया मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में मनोकामना ज्योति कलश जलाए गए। इस अवसर पर महामाया मंदिर में 5400 से अधिक ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए, जिनमें लगभग 3600 तेल एवं 1800 से अधिक घी के कलश शामिल हैं। सुरक्षा व यातायात व्यवस्था सुदृढ़ नवरात्रि में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसरों में पुलिस बल तैनात किया गया है। महामाया मंदिर क्षेत्र में चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, जबकि श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है। दोपहिया व चारपहिया वाहनों की अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है। शहर में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

नवरात्रि के प्रथम दिन आस्था का सैलाब
देवी मंदिरों में उमड़े भक्त, हजारों ज्योति कलश प्रज्ज्वलित छत्तीसगढ़ संवाददाता अंबिकापुर, 19 मार्च। चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मां महामाया मंदिर सहित विभिन्न शक्तिपीठों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने कतारबद्ध होकर पूजा-अर्चना की और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया। परंपरा अनुसार तडक़े 4 बजे बैगा द्वारा प्रथम पूजा संपन्न कराई गई, जिसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचने लगे थे, जिससे दोपहर तक लंबी कतारें लगी रहीं। नवरात्रि अवधि में मंदिर के कपाट पूरे दिन खुले रखने की व्यवस्था की गई है। मंदिरों में गूंजे जयकारे, ज्योति कलश किए गए स्थापित शहर के गांधी चौक स्थित दुर्गा मंदिर, वनदेवी मंदिर सांडबार, काली मंदिर एवं हरकेवल दास दुर्गा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रही। शुभ मुहूर्त में ज्योति कलश स्थापित एवं प्रज्ज्वलित किए गए। गांधी चौक दुर्गा मंदिर में दोपहर तक दर्शनार्थियों की लंबी कतार बनी रही। महामाया मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में मनोकामना ज्योति कलश जलाए गए। इस अवसर पर महामाया मंदिर में 5400 से अधिक ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए, जिनमें लगभग 3600 तेल एवं 1800 से अधिक घी के कलश शामिल हैं। सुरक्षा व यातायात व्यवस्था सुदृढ़ नवरात्रि में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसरों में पुलिस बल तैनात किया गया है। महामाया मंदिर क्षेत्र में चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, जबकि श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है। दोपहिया व चारपहिया वाहनों की अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है। शहर में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।