एक साल में तार गिरने से 54 किसानों की मौत:ऊर्जा मंत्री ने कहा- हाईटेंशन लाइन में हर माह होती है पेट्रोलिंग
एक साल में तार गिरने से 54 किसानों की मौत:ऊर्जा मंत्री ने कहा- हाईटेंशन लाइन में हर माह होती है पेट्रोलिंग
प्रदेश में एक साल में बिजली के तार टूटने से 54 किसानों, नागरिकों की मौत हुई है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि मप्र पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी हाईटेंशन लाइन की मरम्मत के लिए हर माह रूटीन ग्राउंड पेट्रोलिंग एवं वर्ष में दो बार टॉप पेट्रोलिंग कराई जाती है। इसके साथ ही जरूरत होने एवं लाइन में व्यवधान आने पर ट्रिपिंग पेट्रोलिंग कराई जाती है। मंत्री तोमर ने यह जानकारी बीजेपी विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय के सवाल के लिखित जवाब में विधानसभा में दी है। विधायक मालवीय ने ऊर्जा मंत्री से जानकारी मांगी थी कि विद्युत लाइन के खराब तार बदलने की क्या प्रक्रिया है? कितने वर्षों में तार बदले जाते हैं तथा जनवरी 2025 से अब तक प्रदेश में विद्युत लाइन के तार टूटकर चपेट में आने से कितने लोगों या किसानों की मृत्यु हुई है। इस पर मंत्री तोमर ने बताया कि विद्युत वितरण कंपनियों में विद्युत वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर साल बारिश के पहले एवं बारिश के बाद दो बार डिटेल सर्वे एवं तकनीकी निरीक्षण कराया जाता है। साथ ही विद्युत व्यवधानों, दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सालभर विद्युत अधोसंरचना के रखरखाव का कार्य किया जा रहा है। सर्वे के दौरान क्षतिग्रस्त एवं जर्जर तारों की पहचान कर उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए उन्हें बदला जाता है। इसके साथ ही कोई भी शिकायत मिलने पर उसे प्राथमिकता से दर्ज कर तकनीकी दल द्वारा स्थल निरीक्षण के बाद सुधार की कार्यवाही करते हुए खराब तारों को बदल कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। बड़ी पावर सप्लाई लाइन की हर माह पेट्रोलिंग मंत्री तोमर ने कहा कि मप्र पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 400, 220, 132 केवी हाईटेंशन लाइन के मरम्मत कार्य के लिए हर माह रूटीन ग्राउंड पेट्रोलिंग एवं वर्ष में दो बार टॉप पेट्रोलिंग कराई जाती है। उन्होंने कहा कि विद्युत वितरण कंपनियों में विद्युत तार बदलने को लेकर कोई टाइम लिमिट तय नहीं है। विद्युत तारों को बदलना उनकी भौतिक स्थिति जैसे विद्युत तार अधिक जर्जर या क्षतिग्रस्त हो जाना या बार-बार टूटने की स्थिति होने पर या लोड बढ़ जाने पर स्टीमेट बनाकर बदले जाते हैं। 1 जनवरी 2025 से अब तक की अवधि में विद्युत लाइन के तार टूटकर उनके संपर्क में आने से प्रदेश में कुल 54 लोगों, किसानों की मृत्यु हुई है।
प्रदेश में एक साल में बिजली के तार टूटने से 54 किसानों, नागरिकों की मौत हुई है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि मप्र पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी हाईटेंशन लाइन की मरम्मत के लिए हर माह रूटीन ग्राउंड पेट्रोलिंग एवं वर्ष में दो बार टॉप पेट्रोलिंग कराई जाती है। इसके साथ ही जरूरत होने एवं लाइन में व्यवधान आने पर ट्रिपिंग पेट्रोलिंग कराई जाती है। मंत्री तोमर ने यह जानकारी बीजेपी विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय के सवाल के लिखित जवाब में विधानसभा में दी है। विधायक मालवीय ने ऊर्जा मंत्री से जानकारी मांगी थी कि विद्युत लाइन के खराब तार बदलने की क्या प्रक्रिया है? कितने वर्षों में तार बदले जाते हैं तथा जनवरी 2025 से अब तक प्रदेश में विद्युत लाइन के तार टूटकर चपेट में आने से कितने लोगों या किसानों की मृत्यु हुई है। इस पर मंत्री तोमर ने बताया कि विद्युत वितरण कंपनियों में विद्युत वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर साल बारिश के पहले एवं बारिश के बाद दो बार डिटेल सर्वे एवं तकनीकी निरीक्षण कराया जाता है। साथ ही विद्युत व्यवधानों, दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सालभर विद्युत अधोसंरचना के रखरखाव का कार्य किया जा रहा है। सर्वे के दौरान क्षतिग्रस्त एवं जर्जर तारों की पहचान कर उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए उन्हें बदला जाता है। इसके साथ ही कोई भी शिकायत मिलने पर उसे प्राथमिकता से दर्ज कर तकनीकी दल द्वारा स्थल निरीक्षण के बाद सुधार की कार्यवाही करते हुए खराब तारों को बदल कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। बड़ी पावर सप्लाई लाइन की हर माह पेट्रोलिंग मंत्री तोमर ने कहा कि मप्र पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 400, 220, 132 केवी हाईटेंशन लाइन के मरम्मत कार्य के लिए हर माह रूटीन ग्राउंड पेट्रोलिंग एवं वर्ष में दो बार टॉप पेट्रोलिंग कराई जाती है। उन्होंने कहा कि विद्युत वितरण कंपनियों में विद्युत तार बदलने को लेकर कोई टाइम लिमिट तय नहीं है। विद्युत तारों को बदलना उनकी भौतिक स्थिति जैसे विद्युत तार अधिक जर्जर या क्षतिग्रस्त हो जाना या बार-बार टूटने की स्थिति होने पर या लोड बढ़ जाने पर स्टीमेट बनाकर बदले जाते हैं। 1 जनवरी 2025 से अब तक की अवधि में विद्युत लाइन के तार टूटकर उनके संपर्क में आने से प्रदेश में कुल 54 लोगों, किसानों की मृत्यु हुई है।