एनसीसी कैडेट्स ने की शंकर घाट की सफाई

छत्तीसगढ़ संवाददाता अंबिकापुर, 8 जून।28 सीजी बटालियन एनसीसी रायगढ़ के कमान अधिकारी कर्नल हेमंत झा और प्रशासनिक अधिकारी कर्नल संतोष रावत के निर्देशन में राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर के प्राचार्य डॉ रिजवान उल्लाह के संरक्षण में और राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर के एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट पंकज कुमार अहिरवार के मार्गदर्शन में पुनीत सागर अभियान के अंतर्गत विश्व महासागर दिवस के अवसर पर शहर के शंकर घाट की सफाई अभियान के तहत साफ सफाई की गई। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर के एनसीसी कैडेट्स ने अंबिकापुर शहर स्थित शंकर घाट की सफाई करते हुए एनसीसी कैडेट्स ने विश्व में यह संदेश दिया कि यदि हमें हमारा कल सुरक्षित रखना है तो हमें आज से ही इसके संरक्षण की शुरुआत करनी होगी अन्यथा हमारी आने वाली पीढ़ी पानी के इतनी गंभीर समस्या से पीडि़त हो सकते हैं जिसका अनुमान लगाना भी हमारे लिए अत्यंत पीड़ादायक है अत: हमें अपने अपने स्तर पर छोटे छोटे प्रयास करके जल स्रोतों का संरक्षण और उसके संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य और एनसीसी अधिकारी ने सभी एनसीसी कैडेट्स को शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

एनसीसी कैडेट्स ने की शंकर घाट की सफाई
छत्तीसगढ़ संवाददाता अंबिकापुर, 8 जून।28 सीजी बटालियन एनसीसी रायगढ़ के कमान अधिकारी कर्नल हेमंत झा और प्रशासनिक अधिकारी कर्नल संतोष रावत के निर्देशन में राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर के प्राचार्य डॉ रिजवान उल्लाह के संरक्षण में और राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर के एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट पंकज कुमार अहिरवार के मार्गदर्शन में पुनीत सागर अभियान के अंतर्गत विश्व महासागर दिवस के अवसर पर शहर के शंकर घाट की सफाई अभियान के तहत साफ सफाई की गई। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर के एनसीसी कैडेट्स ने अंबिकापुर शहर स्थित शंकर घाट की सफाई करते हुए एनसीसी कैडेट्स ने विश्व में यह संदेश दिया कि यदि हमें हमारा कल सुरक्षित रखना है तो हमें आज से ही इसके संरक्षण की शुरुआत करनी होगी अन्यथा हमारी आने वाली पीढ़ी पानी के इतनी गंभीर समस्या से पीडि़त हो सकते हैं जिसका अनुमान लगाना भी हमारे लिए अत्यंत पीड़ादायक है अत: हमें अपने अपने स्तर पर छोटे छोटे प्रयास करके जल स्रोतों का संरक्षण और उसके संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य और एनसीसी अधिकारी ने सभी एनसीसी कैडेट्स को शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।