17 उपार्जन केंद्रों में 13 करोड़ कीमती धान का शार्टेज: अब होगी एफ आईआर और निलंबन

जिले की 16 सहकारी समितियों में धान खरीदी में गड़बड़ी, 123 उपार्जन केन्द्रों में अब भी नहीं हुआ धान का संपूर्ण परिवहन छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 7 मई। महासमुंद जिले के 16 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी के दौरान की गई अनियमितता की पोल अब खुलने लगी है। मिलरों की ओर से आ रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुये उप पंजीयक ने सहकारी बैंक नोडल अधिकारी को सहकारी समितियों का निरीक्षण कर अनियमितता पाये जाने पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिये हैं। साथ सहकारी बैंक नोडल को कहा गया है कि दोषी कर्मचारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज नहीं कराने की स्थिति में आपके विरूद्ध निरीक्षण और पर्यवेक्षण में लापरवाही मानकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जावेगी। मिली जानकारी के अनुसार विपणन वर्ष 2024-25 में महासमुंद जिले के उपार्जन केन्द्रों में शून्य सूखत के साथ धान का उठाव हुआ है। लेकिन 123 उपार्जन केन्द्रों में धान का संपूर्ण परिवहन अब भी नहीं हो पाया है। इधर 17 उपार्जन केन्द्रों में 41,736.55 क्विंटल लगभग 13 करोड़ की गड़बड़ी मिली है। जिले के उपार्जन केन्द्रों में अमरकोट में 5470.68 क्विंए केंदुवा में 5914.01 क्विंए डोंगरीपाली में 4428.78 क्विं. मोंगरापाली में 2538ण्72ए खेमका में 2304ण्22 क्विंण् मुनगासेर में 2209ण्13ए तोषगाँव में 1976.21 क्विं, मल्दामाल में 1839 क्विंए सिंगबहाल में 1819.85 क्विं. बेलसोंड़ा में 1796.54 क्विं. बलौदा में 1786.97 क्विं. बेलडीह में 1628.16 क्विं टेमरी में 1626.07 क्विं. नर्रा में 1617.77 क्विं. जंगलबेड़ा में 1610.93 क्विंए बरेकेल 1605.72 क्विं तिहारीपाली में 1563.79 क्विं धान ऑनलाइन पोर्टल में दिख रहा है। लेकिन मिलर द्वारा अवगत कराया गया कि उपार्जन केन्द्र में भौतिक रूप से धान उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उपार्जन केन्द्रों में बड़ी अनियमितता की संभावना है, जो सोसायटी एवं बैंक के आर्थिक हितों में प्रतिकूल है। उप पंजीयक ने अपने आदेश में कहा है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के आर्थिक हितों का नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का मूल दायित्व है। शासन द्वारा जारी धान खरीदी नीति खरीफ विपणन वर्ष 2024.25 की कंडिका 15.9 के अनुसार धान उपार्जन केन्द्रों में संग्रहित धान के लिये कोई सूखत मान्य नहीं होगी। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं विपणन संघ के मध्य त्रिपक्षीय अनुबंध की कंडिका 12.8 के अनुसार समिति स्तर पर खरीदी कार्य में अनियमितता पाये जाने पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों पर वैद्यानिक कार्रवाई करने का आदेश है एवं कंडिका 12.11 के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में कमीशन राशि से अधिक कमी आने पर शुल्क की वसूली की जाये।

17 उपार्जन केंद्रों में 13 करोड़ कीमती धान का शार्टेज: अब होगी एफ आईआर और निलंबन
जिले की 16 सहकारी समितियों में धान खरीदी में गड़बड़ी, 123 उपार्जन केन्द्रों में अब भी नहीं हुआ धान का संपूर्ण परिवहन छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 7 मई। महासमुंद जिले के 16 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी के दौरान की गई अनियमितता की पोल अब खुलने लगी है। मिलरों की ओर से आ रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुये उप पंजीयक ने सहकारी बैंक नोडल अधिकारी को सहकारी समितियों का निरीक्षण कर अनियमितता पाये जाने पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिये हैं। साथ सहकारी बैंक नोडल को कहा गया है कि दोषी कर्मचारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज नहीं कराने की स्थिति में आपके विरूद्ध निरीक्षण और पर्यवेक्षण में लापरवाही मानकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जावेगी। मिली जानकारी के अनुसार विपणन वर्ष 2024-25 में महासमुंद जिले के उपार्जन केन्द्रों में शून्य सूखत के साथ धान का उठाव हुआ है। लेकिन 123 उपार्जन केन्द्रों में धान का संपूर्ण परिवहन अब भी नहीं हो पाया है। इधर 17 उपार्जन केन्द्रों में 41,736.55 क्विंटल लगभग 13 करोड़ की गड़बड़ी मिली है। जिले के उपार्जन केन्द्रों में अमरकोट में 5470.68 क्विंए केंदुवा में 5914.01 क्विंए डोंगरीपाली में 4428.78 क्विं. मोंगरापाली में 2538ण्72ए खेमका में 2304ण्22 क्विंण् मुनगासेर में 2209ण्13ए तोषगाँव में 1976.21 क्विं, मल्दामाल में 1839 क्विंए सिंगबहाल में 1819.85 क्विं. बेलसोंड़ा में 1796.54 क्विं. बलौदा में 1786.97 क्विं. बेलडीह में 1628.16 क्विं टेमरी में 1626.07 क्विं. नर्रा में 1617.77 क्विं. जंगलबेड़ा में 1610.93 क्विंए बरेकेल 1605.72 क्विं तिहारीपाली में 1563.79 क्विं धान ऑनलाइन पोर्टल में दिख रहा है। लेकिन मिलर द्वारा अवगत कराया गया कि उपार्जन केन्द्र में भौतिक रूप से धान उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उपार्जन केन्द्रों में बड़ी अनियमितता की संभावना है, जो सोसायटी एवं बैंक के आर्थिक हितों में प्रतिकूल है। उप पंजीयक ने अपने आदेश में कहा है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के आर्थिक हितों का नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का मूल दायित्व है। शासन द्वारा जारी धान खरीदी नीति खरीफ विपणन वर्ष 2024.25 की कंडिका 15.9 के अनुसार धान उपार्जन केन्द्रों में संग्रहित धान के लिये कोई सूखत मान्य नहीं होगी। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं विपणन संघ के मध्य त्रिपक्षीय अनुबंध की कंडिका 12.8 के अनुसार समिति स्तर पर खरीदी कार्य में अनियमितता पाये जाने पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों पर वैद्यानिक कार्रवाई करने का आदेश है एवं कंडिका 12.11 के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में कमीशन राशि से अधिक कमी आने पर शुल्क की वसूली की जाये।