NEET पेपरलीक के मास्टरमाइंड लग्जरी लाइफ के शौकीन:परिवार बोला-वे प्रॉपर्टी खरीदते हैं, पेपर नहीं; एक हजार को परीक्षा से पहले ही मिला
NEET पेपरलीक के मास्टरमाइंड लग्जरी लाइफ के शौकीन:परिवार बोला-वे प्रॉपर्टी खरीदते हैं, पेपर नहीं; एक हजार को परीक्षा से पहले ही मिला
NEET-2026 का लीक पेपर राजस्थान में मास्टरमाइंड भाइयों मांगीलाल और दिनेश ने ही बांटा था। आरोपियों ने एग्जाम से 7 दिन पहले 26 अप्रैल को गुरुग्राम से 30 लाख रुपए एडवांस देकर पेपर खरीदा था। SOG राजस्थान से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राज्य में करीब 1 हजार से अधिक कैंडिडेट तक ये पेपर पहुंच गया था। अब एसोजी आरोपी भाइयों के बैकग्राउंड की जांच कर रही है। आरोपी जयपुर से 30 किलोमीटर दूर जमवा रामगढ़ तहसील के रहने वाले हैं। आरोपी करीब 2 हजार वर्ग गज में बने फार्महाउस में रहते हैं। दोनों ही लग्जरी लाइफ के शौकीन हैं। परिवार का दावा है कि पेपर खरीदने की बात झूठ है वे दोनों तो प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने का का काम करते हैं। वहीं, आरोपियों का कहना है कि इस केस में बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। पुलिस थाने के पास मास्टरमाइंड का फार्महाउस नीट पेपर लीक होने की सूचना पर राजस्थान SOG ने 9 मई को मांगीलाल बिंवाल और दिनेश बिंवाल को पकड़ा था। इनका फार्म हाउस जमवारामगढ़ में पुलिस थाने से 1 किलोमीटर दूर है। इनके पास कई लग्जरी कारें हैं। एक भाई दिनेश राजनीति में एक्टिव भी है। उसके सोशल मीडिया पर कई राजनेताओं के साथ फोटो भी हैं। जिसमें वर्तमान में सरकार के दो मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायकों के साथ फोटो हैं। आरोप है कि भाइयों ने गुरुग्राम के पेपर माफिया से करीब 8 महीने पहले नीट के पेपर के लिए डील की थी। डील 45 लाख में हुई थी। एडवांस के तौर पर 30 लाख रुपए दिए गए थे। परिवार में सभी बच्चे नीट की तैयारी कर रहे, पत्नी बोली- चार का सिलेक्शन पेपर लीक के आरोपी के पूरे परिवार में ही बच्चे नीट की तैयारी कर रहे हैं। आरोपी दिनेश बिंवाल ने 6 नंवबर 2025 को अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर दावा किया था- मेरे परिवार के लिए बहुत ही गर्व की बात है। हमारे 5 बच्चों का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सिलेक्शन हुआ है। इसका मतलब है मांगीलाल के परिवार में ही 5 बच्चों का MBBS में सिलेक्शन हो गया था। पत्नी ने बताया घर से कितने बच्चे पास हुए मांगीलाल की पत्नी सोनू ने बताया कि उनके जेठ घनश्याम खटीक का देहांत हो चुका है। उनकी दो बेटियों का सिलेक्शन NEET-2024 में पहले हो चुका है। वहीं, घनश्याम की तीसरी बेटी और दिनेश के बेटे का सिलेक्शन पिछले साल 2025 की NEET में हुआ था। दावे के अनुसार 5वां बच्चा कौन है, इसको लेकर जानकारी देने से उन्होंने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अलॉट हुए थे। मांगीलाल के बेटे ने भी इस बार लीक पेपर को पढ़कर नीट-2026 का एग्जाम दिया था। आशंका है कि 5वां कैंडिडेट इनका कोई करीबी रिश्तेदार हो सकता है। मां बोली- बेटों के खिलाफ साजिश है मांगीलाल की मां प्रभु देवी ने बताया कि उनके दोनों बेटों को किसी ने साजिश के तहत फंसा दिया है। लोग हमारे बच्चों से चिढ़ते हैं। अगर हम पेपर लीक करते तो ऐसे मकान और इतनी परेशानी में थोड़े ही रहते। जब उनसे पूछा गया कि कौन आप के बेटों को परेशान कर रहा है तो प्रभु देवी कुछ देर के लिए तो चुप हो गईं। बाद में जवाब दिया कि लोग परिवार से चिढ़ते हैं। हमारे बच्चे अच्छा पढ़ते हैं तो लोग जलते हैं। सीकर में बेटे तक पहुंची SOG फिर पिता को पकड़ा एसओजी को जब नीट के पेपर लीक होने की जानकारी मिली तो जयपुर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं में सर्च ऑपरेशन किया गया। जांच के दौरान पता चला कि एक नीट कैंडिडेट है, जिसने कई लोगों को पेपर बांटा था। जब पूछताछ हुई तो उसने अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश के बारे में बताया था। इसके बाद दोनों भाइयों को एसओजी ने पकड़ा था। राजस्थान के ही यश से खरीदा था पेपर, बैंक खातों की होगी जांच जानकारी के अनुसार दिनेश ने 10 बच्चों को लीक पेपर बेचने की बात स्वीकार की है। इसके बदले पैसा कैश में लिया गया था। अब एसओजी पेपर खरीदने वालों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मांगीलाल से भी निरंतर पेपर को लेकर पूछताछ की गई। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। वहीं, दिनेश ने बताया है कि वह यह पेपर गुरुग्राम में रहने वाले राजस्थान निवासी यश से गेस पेपर (लीक पर्चा) 30 लाख रुपए में लेकर आया था। जांच एजेंसी ने दोनों भाइयों के बैंक खाते सहित मोबाइल की जांच शुरू कर दी है। SOG कर सकती है FIR, 5 सवालों के नहीं मिले जवाब जानकार सूत्रों ने बताया कि एसओजी मांगीलाल और दिनेश के परिवार में 5 बच्चों के NEET पास करने को लेकर पूछताछ कर रही है। अब आगे की पूछताछ के लिए दोनों को सीबीआई मुख्यालय दिल्ली ले जाया जा सकता है। जल्द ही दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है। अभी कई सवाल हैं जिनके जवाब ढूंढ़े जा रहे हैं.... 1. नीट का पेपर कब से राजस्थान लाकर बेच रहे थे? 2. परिवार में सभी बच्चे नीट की तैयार कर रहे हैं कोई खास कारण? 3. नीट का पेपर किन-किन लोगों को बेचा? 4. नीट के अलावा और कौन-कौन से पेपर लीक करवाए हैं? 5. गलत पैसे का इस्तेमाल किन-किन चीजों में किया? ….
NEET पेपरलीक के राजस्थान कनेक्शन की ये खबरें भी पढ़िए… 1. 8 महीने पहले हो गई थी NEET पेपर की डील:143 सवालों की गारंटी थी, पेपर माफिया ने मांगे थे 45 लाख, भाइयों ने दिए थे एडवांस NEET-2026 का पेपर लीक करने के लिए माफिया ने परीक्षा से 8 महीने पहले ही प्लानिंग कर ली थी। राजस्थान में इसके लिए 45 लाख रुपए में डील हुई थी। पूरी खबर पढ़िए… 2. NEET पेपर लीक- 'गेस पेपर' बनाकर 10 राज्यों में बेचा:120+ सवाल हूबहू मिले, परीक्षा से 3 सप्ताह पहले माफियाओं के पास पहुंचा पेपर माफिया ने पेपर लीक को छिपाने के लिए इसे 'गेस पेपर' का नाम दिया, ताकि जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकी जा सके। ‘गेस पेपर’ में NEET के 120 से ज्यादा सवाल हूबहू मिल गए। पूरी खबर पढ़िए…
NEET-2026 का लीक पेपर राजस्थान में मास्टरमाइंड भाइयों मांगीलाल और दिनेश ने ही बांटा था। आरोपियों ने एग्जाम से 7 दिन पहले 26 अप्रैल को गुरुग्राम से 30 लाख रुपए एडवांस देकर पेपर खरीदा था। SOG राजस्थान से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राज्य में करीब 1 हजार से अधिक कैंडिडेट तक ये पेपर पहुंच गया था। अब एसोजी आरोपी भाइयों के बैकग्राउंड की जांच कर रही है। आरोपी जयपुर से 30 किलोमीटर दूर जमवा रामगढ़ तहसील के रहने वाले हैं। आरोपी करीब 2 हजार वर्ग गज में बने फार्महाउस में रहते हैं। दोनों ही लग्जरी लाइफ के शौकीन हैं। परिवार का दावा है कि पेपर खरीदने की बात झूठ है वे दोनों तो प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने का का काम करते हैं। वहीं, आरोपियों का कहना है कि इस केस में बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। पुलिस थाने के पास मास्टरमाइंड का फार्महाउस नीट पेपर लीक होने की सूचना पर राजस्थान SOG ने 9 मई को मांगीलाल बिंवाल और दिनेश बिंवाल को पकड़ा था। इनका फार्म हाउस जमवारामगढ़ में पुलिस थाने से 1 किलोमीटर दूर है। इनके पास कई लग्जरी कारें हैं। एक भाई दिनेश राजनीति में एक्टिव भी है। उसके सोशल मीडिया पर कई राजनेताओं के साथ फोटो भी हैं। जिसमें वर्तमान में सरकार के दो मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायकों के साथ फोटो हैं। आरोप है कि भाइयों ने गुरुग्राम के पेपर माफिया से करीब 8 महीने पहले नीट के पेपर के लिए डील की थी। डील 45 लाख में हुई थी। एडवांस के तौर पर 30 लाख रुपए दिए गए थे। परिवार में सभी बच्चे नीट की तैयारी कर रहे, पत्नी बोली- चार का सिलेक्शन पेपर लीक के आरोपी के पूरे परिवार में ही बच्चे नीट की तैयारी कर रहे हैं। आरोपी दिनेश बिंवाल ने 6 नंवबर 2025 को अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर दावा किया था- मेरे परिवार के लिए बहुत ही गर्व की बात है। हमारे 5 बच्चों का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सिलेक्शन हुआ है। इसका मतलब है मांगीलाल के परिवार में ही 5 बच्चों का MBBS में सिलेक्शन हो गया था। पत्नी ने बताया घर से कितने बच्चे पास हुए मांगीलाल की पत्नी सोनू ने बताया कि उनके जेठ घनश्याम खटीक का देहांत हो चुका है। उनकी दो बेटियों का सिलेक्शन NEET-2024 में पहले हो चुका है। वहीं, घनश्याम की तीसरी बेटी और दिनेश के बेटे का सिलेक्शन पिछले साल 2025 की NEET में हुआ था। दावे के अनुसार 5वां बच्चा कौन है, इसको लेकर जानकारी देने से उन्होंने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अलॉट हुए थे। मांगीलाल के बेटे ने भी इस बार लीक पेपर को पढ़कर नीट-2026 का एग्जाम दिया था। आशंका है कि 5वां कैंडिडेट इनका कोई करीबी रिश्तेदार हो सकता है। मां बोली- बेटों के खिलाफ साजिश है मांगीलाल की मां प्रभु देवी ने बताया कि उनके दोनों बेटों को किसी ने साजिश के तहत फंसा दिया है। लोग हमारे बच्चों से चिढ़ते हैं। अगर हम पेपर लीक करते तो ऐसे मकान और इतनी परेशानी में थोड़े ही रहते। जब उनसे पूछा गया कि कौन आप के बेटों को परेशान कर रहा है तो प्रभु देवी कुछ देर के लिए तो चुप हो गईं। बाद में जवाब दिया कि लोग परिवार से चिढ़ते हैं। हमारे बच्चे अच्छा पढ़ते हैं तो लोग जलते हैं। सीकर में बेटे तक पहुंची SOG फिर पिता को पकड़ा एसओजी को जब नीट के पेपर लीक होने की जानकारी मिली तो जयपुर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं में सर्च ऑपरेशन किया गया। जांच के दौरान पता चला कि एक नीट कैंडिडेट है, जिसने कई लोगों को पेपर बांटा था। जब पूछताछ हुई तो उसने अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश के बारे में बताया था। इसके बाद दोनों भाइयों को एसओजी ने पकड़ा था। राजस्थान के ही यश से खरीदा था पेपर, बैंक खातों की होगी जांच जानकारी के अनुसार दिनेश ने 10 बच्चों को लीक पेपर बेचने की बात स्वीकार की है। इसके बदले पैसा कैश में लिया गया था। अब एसओजी पेपर खरीदने वालों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मांगीलाल से भी निरंतर पेपर को लेकर पूछताछ की गई। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। वहीं, दिनेश ने बताया है कि वह यह पेपर गुरुग्राम में रहने वाले राजस्थान निवासी यश से गेस पेपर (लीक पर्चा) 30 लाख रुपए में लेकर आया था। जांच एजेंसी ने दोनों भाइयों के बैंक खाते सहित मोबाइल की जांच शुरू कर दी है। SOG कर सकती है FIR, 5 सवालों के नहीं मिले जवाब जानकार सूत्रों ने बताया कि एसओजी मांगीलाल और दिनेश के परिवार में 5 बच्चों के NEET पास करने को लेकर पूछताछ कर रही है। अब आगे की पूछताछ के लिए दोनों को सीबीआई मुख्यालय दिल्ली ले जाया जा सकता है। जल्द ही दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है। अभी कई सवाल हैं जिनके जवाब ढूंढ़े जा रहे हैं.... 1. नीट का पेपर कब से राजस्थान लाकर बेच रहे थे? 2. परिवार में सभी बच्चे नीट की तैयार कर रहे हैं कोई खास कारण? 3. नीट का पेपर किन-किन लोगों को बेचा? 4. नीट के अलावा और कौन-कौन से पेपर लीक करवाए हैं? 5. गलत पैसे का इस्तेमाल किन-किन चीजों में किया? ….
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