नाथ योगी समाज ने श्मशान-समाधि स्थल के लिए भूमि मांगी:गुरु गोरक्षनाथ फाउंडेशन ने सौंपा ज्ञापन, कहा- अभी खेतों में समाधि दे रहे

नीमच जिले में गुरु गोरक्षनाथ इंटरनेशनल फाउंडेशन ने नाथ योगी समाज के लिए श्मशान-समाधि स्थल आरक्षित करने की मांग की है। मंगलवार को फाउंडेशन ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जीरन तहसील सहित जिले की शासकीय भूमि में इन स्थलों के आरक्षण का अनुरोध किया गया। समाज ने बताया कि ग्राम जीरन में नाथ योगी समाज के लगभग 30 से 40 परिवार रहते हैं, लेकिन उनके पास कोई स्थायी श्मशान घाट या समाधि स्थल नहीं है। नाथ योगी समाज की परंपरा के अनुसार, मृत्यु के बाद दाह संस्कार के बजाय समाधि दी जाती है। अभी खेतों में देनी पड़ती है समाधि समाधि स्थल के अभाव में, मृतकों को मजबूरन कभी खेतों में, कभी कुओं के पास या घरों के आसपास समाधि देनी पड़ती है। इससे सामाजिक, धार्मिक और प्रशासनिक स्तर पर कई समस्याएं होती हैं। बर्डिया जागीर और आसपास के क्षेत्रों में भी समाज के लिए कोई निर्धारित भूमि उपलब्ध नहीं है। ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्राम जीरन की सरकारी भूमि सर्वे नंबर 799/3/2 में से 02 बीघा भूमि नाथ योगी समाज के श्मशान-समाधि स्थल के लिए आरक्षित की जाए। इसके लिए संबंधित पटवारी को भूमि का अवलोकन कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। समाज ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते भूमि आवंटन की कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में समाज के किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर शव को कलेक्टर कार्यालय लाया जाएगा।

नाथ योगी समाज ने श्मशान-समाधि स्थल के लिए भूमि मांगी:गुरु गोरक्षनाथ फाउंडेशन ने सौंपा ज्ञापन, कहा- अभी खेतों में समाधि दे रहे
नीमच जिले में गुरु गोरक्षनाथ इंटरनेशनल फाउंडेशन ने नाथ योगी समाज के लिए श्मशान-समाधि स्थल आरक्षित करने की मांग की है। मंगलवार को फाउंडेशन ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जीरन तहसील सहित जिले की शासकीय भूमि में इन स्थलों के आरक्षण का अनुरोध किया गया। समाज ने बताया कि ग्राम जीरन में नाथ योगी समाज के लगभग 30 से 40 परिवार रहते हैं, लेकिन उनके पास कोई स्थायी श्मशान घाट या समाधि स्थल नहीं है। नाथ योगी समाज की परंपरा के अनुसार, मृत्यु के बाद दाह संस्कार के बजाय समाधि दी जाती है। अभी खेतों में देनी पड़ती है समाधि समाधि स्थल के अभाव में, मृतकों को मजबूरन कभी खेतों में, कभी कुओं के पास या घरों के आसपास समाधि देनी पड़ती है। इससे सामाजिक, धार्मिक और प्रशासनिक स्तर पर कई समस्याएं होती हैं। बर्डिया जागीर और आसपास के क्षेत्रों में भी समाज के लिए कोई निर्धारित भूमि उपलब्ध नहीं है। ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्राम जीरन की सरकारी भूमि सर्वे नंबर 799/3/2 में से 02 बीघा भूमि नाथ योगी समाज के श्मशान-समाधि स्थल के लिए आरक्षित की जाए। इसके लिए संबंधित पटवारी को भूमि का अवलोकन कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। समाज ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते भूमि आवंटन की कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में समाज के किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर शव को कलेक्टर कार्यालय लाया जाएगा।